
मुख्यमंत्री गुरुवार को वाराणसी के कबीरचौरा स्थित सरोजा पैलेस में आयोजित स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने नगर निगम और जल निगम के स्वच्छता मित्रों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता कर्मियों पर पुष्पवर्षा की और उन्हें भोजन भी परोसा। कार्यक्रम में जनकल्याणकारी कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
स्वच्छता मित्रों को बताया समाज की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छता कर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज की नींव के पत्थर हैं। जिस तरह किसी इमारत की मजबूती उसकी नींव पर निर्भर करती है, उसी तरह स्वच्छता कर्मियों के परिश्रम से शहर और समाज स्वच्छ बने रहते हैं।
उन्होंने कहा कि सर्दी, गर्मी, बरसात, आंधी-तूफान और त्योहारों के दौरान भी स्वच्छता मित्र अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। वे आम लोगों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सड़कों पर उतरते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, स्वच्छता कर्मी पहले दूसरों के त्योहार और माहौल को उत्सवमय बनाते हैं और इसके बाद अपने परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं।
योगी ने कहा कि कुछ लोग अपने कृत्यों से गंदगी फैलाते हैं, जबकि समाज का बड़ा वर्ग अपने पुरुषार्थ और परिश्रम से लोगों को स्वच्छ वातावरण देने में जुटा रहता है। उन्होंने स्वच्छता मित्रों को सम्मान देने और उनके योगदान को पहचानने की जरूरत पर जोर दिया।
स्वच्छता कर्मियों के कारण स्वच्छ रहा महाकुंभ
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छता कर्मियों की मेहनत के कारण ही आयोजन स्वच्छ, दिव्य और भव्य बन पाया। उन्होंने बताया कि महाकुंभ में 66 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे और स्वच्छता व्यवस्था की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े आयोजन में साफ-सफाई बनाए रखना आसान काम नहीं था। इसके बावजूद स्वच्छता कर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ काशी’ मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि स्वच्छता मित्र इस अभियान को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
स्वच्छता कर्मियों के मानदेय की गारंटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छता कर्मियों के हित में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्वच्छता कर्मियों के मानदेय से पैसा काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार उनके मानदेय की गारंटी देने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में आउटसोर्स निगम के माध्यम से व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता कर्मियों को न्यूनतम 16 हजार रुपये मानदेय मिलना चाहिए। साथ ही, कर्मचारियों को ईएसआई के तहत उपचार के लिए अस्पताल की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
सुरक्षा बीमा और पीएफ की सुविधा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता कर्मियों को सुरक्षा बीमा मिलना चाहिए, ताकि किसी हादसे की स्थिति में उनके परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने भविष्य निधि यानी पीएफ की सुविधा का भी उल्लेख किया। योगी के मुताबिक, पीएफ के माध्यम से सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारियों के पास अपनी जमा पूंजी होगी।
इससे उन्हें भविष्य में आर्थिक सहारा मिलेगा और वे पूरी तरह अपने बच्चों पर निर्भर नहीं रहेंगे। मुख्यमंत्री के संबोधन में स्वच्छता कर्मियों के सम्मान, सामाजिक जिम्मेदारी और माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों पर गरीबों को आवास उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। सरकार की ओर से मानदेय, स्वास्थ्य सुविधा, बीमा और पीएफ को लेकर की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन पर अब कर्मचारियों की नजर रहेगी।

